in hindi translation सुबह उठकर खाएं 50 ग्राम भुने हुए चने, दूर हो जाएगी ये 5 बीमारियां

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सुबह उठकर खाएं 50 ग्राम भुने हुए चने, दूर हो जाएगी ये 5 बीमारियां
हेल्थ डेस्क: मेडिकल साइंस के अनुसार अगर आप सुबह उठकर 50 ग्राम भुने हुए चने का सेवन करते हैं तो इससे आपके शरीर में एनर्जी आती हैं। साथ ही साथ शरीर में पाए जाने वाले सभी ग्लैंड सही तरीकों से कार्य करते हैं। जिससे शरीर की कई सारी बीमारियां दूर हो जाती हैं और इंसान खुद को सेहतमंद महसूस करता हैं। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे उस बीमारी के बारे में जो बीमारी सुबह में भुना चना खाने से दूर हो जाती हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।  पेशाब संबंधी रोग : भुने हुए चनों के सेवन से पेशाब से जुड़ी बीमारियों से छुटकारा मिलता है। अगर किसी व्यक्ति बार-बार पेशाब आने की समस्या हो तो उन्हें रोजाना गुड़ के साथ चने का सेवन करना चाहिए। इससे आपकी ये समस्या दूर हो जाएगी। 
कब्ज में राहत : जिन लोगों को कब्ज की समस्या होती है, उन्हें रोजाना सुबह में उठकर चने खाने से बहुत आराम मिलता है। इससे पाचन क्रिया सही तरीकों से होती हैं और कब्ज की समस्या धीरे धीरे दूर हो जाती हैं। इससे इंसान का पेट साफ़ रहता हैं। 
मधुमेह से छुटकारा : भुने हुए चने खाने से मधुमेह रोग में भी छुटकारा मिलता है। दरअसल भुने हुए चना ग्लूकोज की मात्रा को सोख लेते है जिससे डायबिटीज रोग नियंत्रित हो जाता है। डायबिटीज रोगियों के प्रतिदिन भुना हुआ चना खाने से ब्लड शुगर का लेवल कम होता है। इसलिए डायबिटीज के मरीज को रोजाना इसका सेवन करना चाहिए। 
वजन में कमी : अगर आप अपने शरीर के वजन को कम करना चाहते हैं तो आप रोजाना  सुबह के समय भुने हुए चने का सेवन करें। क्यों की रोजाना भुने हुए चने खाने से मोटापे की समस्या में राहत मिलती है। इसका सेवन शरीर से अतिरिक्त चर्बी को पिघलाने में मदद करता है। 
नंपुसकता दूर करें : भुने हुए चने दूध के साथ खाने से स्पर्म का पतलापन दूर हो जाता है और वीर्य गाढ़ा होता है। इससे पुरुषों की नपुंसकता दूर हो जाती हैं और पुरुष खुद को स्वस्थ और फ़िट महसूस करते हैं। 
इस आर्टिकल में लिखी गई बातें लेखक के निजी विचार हैं,

अगर आप सरसो के स्वास्थ्यवर्धक गुणों से अनजान हैं तो जरूर पढ़ें।

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अगर आप सरसो के स्वास्थ्यवर्धक गुणों से अनजान हैं तो जरूर पढ़ें।
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अगर आप अब तक इसके स्वास्थ्यवर्धक गुणों से अनजान हैं, तो जरूर पढ़ें,
सरसों के तेल को बहुत पौष्टिक माना जाता है।इसलिए इसका प्रयोग खाना बनाने के लिए भी किया जाता है। इसकी तासीर गर्म होने से सर्दियों में यह अत्यंत लाभकारी माना जाता है। 
सरसों के तेल की मालिश करने से शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रक्त संचार भी बेहतर होता है। 
  दांतों की तकलीफ में सरसों के तेल में नमक मिलाकर रगड़ने से फायदा होता है, साथ ही दांत पहले से अधिक मजबूत हो जाते हैं। इसमें विटामिन ई भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो त्वचा को अल्‍ट्रावाइलेट किरणों और पल्‍यूशन से बचाता है। साथ ही यह झाइयों और झुर्रियों से भी काफी हद तक राहत दिलाने में मदद करता है।
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रात को सोने से पहले सिर पर सरसों का तेल लगाकर अच्छे से बालों और सिर का मसाज करें। इससे रिलैक्स मिलेगा और तनाव दूर रहेगा।  
भूख नहीं लगने पर भी सरसों का तेल आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर भूख न लगे, तो खाना बनाने में सरसों के तेल का उपयोग करना लाभप्रद होता है। शरीर में पाचन तंत्र को दुरूस्त करने में भी लाभदायक होता है।
  रोज रात में सोने से पहले अगर पैरों के तलवों पर सरसों का तेल लगाकर मालिश की जाए तो आंखों की रोशनी तेज होती हैं।
सरसों के तेल का प्रयोग करने से से कोरोनरी हार्ट डिसीज का खतरा भी कम होता है। इसलिए सरसों के तेल को अपने खाने में जरुर शामिल करें। 
त्वचा संबंधी समस्याओं में भी बेहद फायदेमंद होता है। यह शरीर के किसी भी भाग में फंगस को बढ़ने से रोकता है और त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाता है। यह शरीर की कार्य क्षमता बढ़ा कर शरीर की कमजोरी को दूर करने में सहायता करता है।इस तेल की मालिश के बाद स्नान करने से शरीर और त्वचा दोनों स्वस्थ रहते हैं। 
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ठंड के दिनों में सरसों का तेल गर्माहट के लिए रामबाण इलाज है, हल्के गर्म तेल की मसाज से रूखी-सूखी त्वचा भी नर्म, मुलायम व चिकनी हो जाती है। 
सरसों के तेल की मालिश से गठिया रोग और जोड़ो का दर्द भी ठीक हो जाता है।
यह बालों की जड़ों को पोषण देकर रक्तसंचार बढ़ाता है जिससे बालों का झड़ना बंद हो जाता है। 
इस आर्टिकल में लिखी गई बातें लेखक के निजी विचार हैं,

ऐेसे बनाएं अजवायन का पानी स्वास्थ्य के लिए है बेहद फायदेमंद

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ऐेसे बनाएं अजवायन का पानी स्वास्थ्य के लिए है बेहद फायदेमंद
आज हम आपको अजवायन से होने वाले फायदों के बारे में जानकारी देने जा रहे है। आपको बता दें कि अजवायन का प्रयोग न सिर्फ घरों में मसालों के रूप में होता है बल्कि छोटी मोटी पेट की बीमारियां भी इसके उपयोग से दूर भाग जाती है। खाना खाने के बाद हाजमा बेहतर बनाना हो तो इसका चूर्ण बना कर खाइए
और फिर फायदा देखिए। वैसे तो अजवायन बड़े काम की चीज है मगर इसका मुख्य फायदा है जल्द मोटापे को कम किया जाता सकता है। अजवायन का पानी हर रोज सुबह खाली पेट पीने से मोटापा प्राकृतिक रूप से कम हो जाता है।
- अजवायन का पानी पीने से पाचन क्रिया बेहतर बनाती है ।
-15 दिनों तक लगातार अजवायन के पानी को सुबह खाली पेट पीने से मोटापा कम होता है।
-अजवायन का पानी पीने से सिरदर्द और कंजेस्शन से छुटकारा दिलाता है।
- अजवायन का पानी वैसे तो पेट की कई बीमारियों को दूर करता है, साथ ही यह दाद, दर्द और खुजली को भी दूर करता है ।
ऐेसे बनाएं अजवायन का पानी
वैसे तो अजवायन का पानी बनाना कठिन काम नहीं है, फिर भी आपको अजवायन का पानी बनाने की विधि बता देते है। सबसे पहले आप 50 ग्राम अजवायन लीजिए। हर रोज रात को अजवायन को एक गिलास पानी में रातभर भिगो कर छोड़ दीजिए
और फिर सुबह उस पानी को छान लीजिए उसके बाद पानी में एक चम्मच शहद मिक्स कीजिए और खाली पेट पीजिए। अजवायन के पानी लगातार 45 दिन तक पीजिए। वैसे तो आपको इसका असर 15 दिन में दिखना शुरू हो जाएगा परन्तु यदि प्रभावी परिणाम चाहिए तो 45 दिन तक इसका सेवन कीजिए।
इन चीजों से करें परहेज
-चावल पूरी तरह छोड़ दीजिए और भोजन में रोटियों की संख्या घटा दीजिए यानि 4 के बजाए 2 रोटी ही खाएं ।
-अगर आपको जल्द मोटापा कम करना है तो इन चीजों से दूर रहना पड़ेगा। जिनमें हैं आलू, शक्कर, फ़ास्ट फ़ूड और ऑयली फ़ूड न खाएं।
-आप खाना खाते ही पानी पी लेते है, जो गलत बात है। इसलिए भोजन करने के 1 घंटे तक पानी न पीएं
इस आर्टिकल में लिखी गई बातें लेखक के निजी विचार हैं,

पहलवानों जैसी ताकत पाना चाहते हैं तो रोजाना सुबह उठकर करें इन 2 चीजों का सेव

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पहलवानों जैसी ताकत पाना चाहते हैं तो रोजाना सुबह उठकर करें इन 2 चीजों का सेवन
नमस्कार दोस्तों एक बार फिर से स्वागत है मेरे इस चैनल पर और अगर आप मेरे चैनल पर नए हैं तो फॉलो बटन दबाकर चैनल को फॉलो करें ।
​यदि आप कमजोर और दुबले पतले शरीर से परेशान हैं और पहलवानों जैसी ताकत पाना चाहते हैं तो यह आर्टिकल पूरा जरूर पढ़ें क्योंकि इस आर्टिकल में मैं आपको एक ऐसे चीजों के बारे में बताने वाला हूं जिसके सेवन से आप ताकतवर बन जाएंगे ।
यह है वह 2 चीजें -
पहली चीज़ -​ यदि आप सोयाबीन का सेवन रोजाना नियमित रूप से करते हैं तो आपके शरीर में प्रोटीन की कमी नहीं होगी और आपके शरीर में प्रोटीन भरपूर मात्रा में जाएगा और आपका शरीर ताकतवर बन जाएगा ।
​दूसरी चीज़ - आपको रोजाना सुबह उठकर भीगे हुए चने का सेवन भी करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से शरीर ताकतवर बनता है । भीगे हुए चने में फाइबर, कैल्शियम और प्रोटीन जैसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को ताकतवर बनाने में सहायक होते हैं ।
​यदि आपको जानकारी अच्छी लगी तो आप इस पोस्ट को लाइक और शेयर करें और कमेंट में अपने सवाल पूछे और इस चैनल को फॉलो जरूर करें ।
इस आर्टिकल में लिखी गई बातें लेखक के निजी विचार हैं,

बैंगन के 5 आश्चर्यजनक स्वास्थ्य लाभ।

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बैंगन के 5 आश्चर्यजनक स्वास्थ्य लाभ।
बैंगन, जिसे ऑबर्जिन के रूप में भी जाना जाता है, पौधों के नाइटशेड परिवार से संबंधित है और दुनिया भर में कई अलग-अलग व्यंजनों में उपयोग किया जाता है।
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(1) एग्गप्लांट्स कुछ कैलोरी में फाइबर, विटामिन K & C और खनिज की अच्छी मात्रा प्रदान करता है।
(2) Eggplants दिल के कार्य में सुधार कर सकते हैं और LDL कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम कर सकते हैं, हालांकि मानव अनुसंधान की आवश्यकता है।
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(3) एग्गप्लान्ट फाइबर और पॉलीफेनोल में उच्च होते हैं, ये दोनों रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं।
(4) बैंगन फाइबर में उच्च लेकिन कैलोरी में कम है, दोनों वजन घटाने को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं। इसका उपयोग उच्च-कैलोरी सामग्री के स्थान पर भी किया जा सकता है।
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(5) एग्गप्लान्ट में सोलासोडाइन रम्नोसिल ग्लाइकोसाइड होते हैं, जो टेस्ट-ट्यूब अध्ययनों से कैंसर के उपचार में सहायता का संकेत देते हैं। अधिक फल और सब्जियां खाने से कुछ प्रकार के कैंसर से भी बचाव हो सकता है।
इस आर्टिकल में लिखी गई बातें लेखक के निजी विचार हैं,

नसों में गंदगी जमा होने पर शरीर देता है ये संकेत, करें इन चीजों का सेवन, दूर होगी समस्या

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नसों में गंदगी जमा होने पर शरीर देता है ये संकेत, करें इन चीजों का सेवन, दूर होगी समस्या
शरीर के बेहतर कामकाज और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए ब्लड सर्कुलेशन का सही रहना सबसे आवश्यक होता है, यदि ब्लड सर्कुलेशन ठीक न हो तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक, कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसी समस्याएं हो सकती हैं, ब्लड सर्कुलेशन ठीक न रहने का एक कारण नसों का ब्लॉक हो जाना भी होता है, आज हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे हैं।
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इसलिए नसें हो जाती हैं ब्लॉक
खून में कई तरह के पदार्थ मिले हुए होते हैं, जिनमे कैल्शियम, फैट, कोलेस्ट्रॉल, सेलुलर और फाइब्रिन जैसे तत्व शामिल हैं, इनमे से किसी का भी असंतुलन होने पर ये गंदगी के रूप में नसों में जमा होने लगते हैं और नसों के ब्लॉक होने की समस्या हो जाती है।
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करें इन चीजों का सेवन
15-20 अंगूर को बीच से काटकर साथ में एक नींबू को चार टुकड़ों में काटकर1 लीटर पानी में छोड़ दें फिर एक घंटे के बाद इस पानी को पियें, अनार भी नसों में फैट जमा होने से रोकने के साथ नाइट्रिक ऑक्साइड का निर्माण करता है जो नसों को खोलता है, इसलिए अनार के रस का सेवन करें।
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इस समस्या में ग्रीन टी भी काफी लाभदायक होती है, इसलिए आप दिन में दो कप ग्रीन टी जरूर पियें, इसके साथ ही आधे सेब के बारीक टुकड़े और एक चम्मच दालचीनी मिलाकर 2-3 घंटे के लिये रख दें बाद में इसका सेवन करें, इससे नसों की ब्लॉकेज की समस्या दूर हो जाती है।
तो अगर आप भी किसी स्वास्थ्य या ब्यूटी समस्या से परेशान हैं, तो हमे कमेंटबॉक्स में जरुर बताएं
इस आर्टिकल में लिखी गई बातें लेखक के निजी विचार हैं,

अमरूद के स्वास्थ्य लाभ क्या हैं?

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अमरूद के स्वास्थ्य लाभ क्या हैं?


अमरूद स्वास्थ्य स्थितियों की एक सीमा के लिए एक पारंपरिक उपाय है। शोध बताते हैं कि अमरूद फल और पत्तियों के कई लाभ हो सकते हैं।
 ग्वाव पीले-हरे रंग की त्वचा के साथ उष्णकटिबंधीय फल हैं, और वे मध्य अमेरिका में पेड़ों पर उगते हैं। आम अमरूद के पेड़ का लैटिन नाम Psidium guajava है।
 लोग भारत और चीन सहित कई देशों में दस्त के इलाज के रूप में अमरूद के पत्ते की चाय का उपयोग करते हैं। अन्य देशों में, जैसे कि मेक्सिको में, लोगों ने घावों को ठीक करने के लिए पारंपरिक रूप से फल के मांस का उपयोग किया है।
 इस लेख में, हम अमरूद के कुछ संभावित स्वास्थ्य लाभों और उपयोगों का पता लगाते हैं। हम पोषण संबंधी जानकारी, जोखिम और आहार में अमरूद को शामिल करने का वर्णन भी करते हैं।
मासिक धर्म ऐंठन
 अमरूद की पत्ती के अर्क से युक्त खुराक लेने से मासिक धर्म की ऐंठन कम हो सकती है।
 2007 के एक अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि अमरूद के पत्तों का अर्क लेने से प्राथमिक कष्टार्तव वाली महिलाओं में मासिक धर्म के दर्द से राहत मिलती है।
 प्रत्येक दिन निकालने वाले 6 मिलीग्राम (मिलीग्राम) लेने वाले प्रतिभागियों को इबुप्रोफेन या एक प्लेसबो लेने की तुलना में कम मासिक धर्म में दर्द का अनुभव होता है।
 दस्त
 अमरूद की पत्ती की चाय दुनिया के कई हिस्सों में दस्त के लिए एक पारंपरिक उपाय है।
 जानवरों के अध्ययन के साक्ष्य से पता चलता है कि पत्ती निकालने में संक्रामक दस्त के इलाज की क्षमता हो सकती है।
 2015 के एक अध्ययन ने संक्रामक दस्त वाले चूहों में इस अर्क के उपयोग की जांच की। संक्रमण उन चूहों में अधिक तेजी से साफ हो गया जिन्होंने अमरूद के पत्तों के अर्क का सेवन किया, जो नहीं करते थे। शोधकर्ताओं ने कहा कि अमरूद की पत्ती का अर्क इस बीमारी के इलाज के रूप में वादा दिखाता है।
 2015 के एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि अमरूद के पत्तों के अर्क ने एस्चेरिचिया कोलाई संक्रमण के साथ मुर्गियों में दस्त को नियंत्रित करने में मदद की।
 हालांकि, वैज्ञानिकों को मनुष्यों में इन निष्कर्षों की पुष्टि करने के लिए अधिक शोध करने की आवश्यकता है।
 फ़्लू
 अमरूद की पत्ती वाली चाय पीने से लोगों को फ्लू से लड़ने में मदद मिलती है।
 2012 के टेस्ट ट्यूब अध्ययन में, अमरूद के पत्ते की चाय ने फ्लू के उपचार के लिए एंटीवायरल एजेंट के रूप में वादा दिखाया। शोधकर्ताओं ने पाया कि चाय वायरस के विकास को रोकता है जो फ्लू का कारण बनता है।
 चाय का एंटीवायरल प्रभाव पत्ती के फ्लेवोनोल्स के परिणामस्वरूप हो सकता है, जो एक प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट हैं।
 मनुष्यों में प्रभावों की पुष्टि करने के लिए आगे के शोध की आवश्यकता होगी।
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रक्त चाप
 अमरूद की पत्ती का अर्क सेवन करने से उच्च रक्तचाप कम हो सकता है।
 2016 के एक टेस्ट ट्यूब अध्ययन में पाया गया कि अर्क का चूहे के ऊतकों में एंटीहाइपरटेंसिव प्रभाव था, जिसका अर्थ है कि इसमें रक्तचाप को कम करने की क्षमता हो सकती है।
 यह प्रभाव पत्ती निकालने के एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण हो सकता है। एंटीऑक्सिडेंट रक्त वाहिकाओं के विस्तार में मदद करके रक्तचाप को कम कर सकते हैं।
 पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस
 जानवरों में कुछ शोध बताते हैं कि अमरूद के पत्तों का अर्क ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित लोगों को फायदा पहुंचा सकता है।
 2018 के एक अध्ययन में पाया गया कि प्रेरित ऑस्टियोआर्थराइटिस के साथ चूहों में उपास्थि विनाश के खिलाफ संरक्षित अर्क का सेवन। हालांकि, शोधकर्ताओं ने अभी तक मनुष्यों में इस प्रभाव की पुष्टि नहीं की है।
 कैंसर
 अमरूद की पत्ती का अर्क अंततः कैंसर के इलाज में भूमिका निभा सकता है।
 2014 के परीक्षण ट्यूब, पशु और कंप्यूटर अध्ययन के परिणाम बताते हैं कि अर्क में यौगिक कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोक सकते हैं।
 शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि प्रभाव इसलिए हो सकता है क्योंकि अमरूद की पत्ती के यौगिक चुनिंदा एस्ट्रोजन रिसेप्टर मॉड्यूलेटर (SERMs) की तरह काम करते हैं।
 SERM दवाओं का एक वर्ग है जो डॉक्टर कैंसर के इलाज के लिए उपयोग करते हैं। वे कैंसर कोशिकाओं को गुणा करने से रोककर काम करते हैं।
 हालांकि, वैज्ञानिकों को कैंसर से लड़ने के लिए इन यौगिकों की क्षमता को बेहतर ढंग से समझने के लिए मनुष्यों में नैदानिक ​​परीक्षण करने की आवश्यकता है।
इस आर्टिकल में लिखी गई बातें लेखक के निजी विचार हैं,

साधारण उपाय से पाएं गले की खराश से निजात

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साधारण उपाय से पाएं गले की खराश से निजात
गले की खिचखिच जिसको होती है वही इसका दर्द और परेशानी समझता है। इसको दूर होने में वक्त लगता है और इससे आपको अपनी दिनचर्या में बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है। साधारण से उपाय से आप इस खराश को दूर कर सकते हैं। उपाय हमारा पसंद आए तो इसको शेयर करना और पोस्ट को लाइक करना न भूलें।
उपाय- एक गिलास गर्म पानी में आधा चम्मच नमक डालकर दिन में तीन बार गरारे करने से गले की खराश व गले में कांटे चुभने जैसे अनुभव से फौरन निजात मिलती है। 
250 ग्राम दूध में दो ग्राम -करीब आधा चम्मच,पिसी हुई हल्दी डाल दें। इस दूध को दो-तीन बार उबालें व फिर छान लें। पीने लयक गरम रहने पर इसमें डेढ़ चम्मच पिसी हुई मिश्री या शक्कर मिलाकर रात्रि को सोते समय दो-तीन दिन पीना चाहिए। तीन दिन में आपके गले की खराश पूरी तरह गायब हो जाएगी। 
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जानिये तांबे की अंगूठी के पहनने से होने वाले लाभ के फायदे ..

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जानिये तांबे की अंगूठी के पहनने से होने वाले लाभ के फायदे ..

पेट की बीमारियां डायरिया और पीलिया मे लाभकारी है। तांबे को धारण करने से शरीर में खून की कमी नहीं होती ऐसे में तांबा आपके लिए सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।
तांबे की अंगूठी पहनने से लगातार हमारे शरीर के संपर्क में रहती है। जिससे हमारे शरीर को तांबे के औषधीय गुण मिलते हैं। 
यह खून को साफ करने में भी मदद करती है।
तांबे की अंगूठी पहनने से हमारी रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और त्वचा की चमक बढ़ती है।
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health |जानिये किस बिमारी मे कौन से फल का जूस पीना सही होता है।Know which disease is best to drink in which disease.

जानिये किस बिमारी मे कौन से फल का जूस पीना सही होता है।
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किस फल का जूस किस बिमारी मे पिये जिससे की वो बीमारी जल्दी से जल्दी हमारे शरीर को छोड़कर चली जाए तो चली दोस्त जान लेते हैं कि कौन सी बीमारी में कौन सा जूस पीना चाहिए।दोस्तों अगर आप का ब्लेड प्रेशर कंट्रोल नहीं रहता है तो उसके लिए आपको क्या करना चाहिए आप को तरबूज का जूस का सेवन करते रहना चाहिए जिससे कि आपका जो ब्लड प्रेशर है वो कंट्रोल में रहे।दोस्तों अगर आपका सर बार-बार दर्द होता है तो उसके लिए आपको सबेरे -सबेरे तरबूज का रस और उसमे कला नमक मिलाकर पिटे रहना चाहिए ऐसा करते रहने से आपका जो सर दर्द है वो परमानेंट ठीक हो जाएगा और वापस से सरदर्द होना बंद हो जाएगा।
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दोस्तों अगर आपको किडनी स्टोन की प्रॉब्लम है तो उसके लिए भी आपको रोज़ सवेरे सवेरे तरबूज का रस पीना चाहिए ऐसा करते रहने से आपका जो किडनी स्टोन है वह धीरे धीरे गल कर बाहर निकल जाएगा और आपको किडनी से जुड़ी कोई भी प्रॉब्लम नहीं होगी। दोस्तों उल्टी की दस या जैसे कि आप कहीं ट्रैवेल कर रहे हो कहीं जा रहे हो बस में कार में तो आपको बार बार उल्टी जैसा होता है तो ऐसी समस्याओं से भी आपको तरबूज का जूस पीते रहना चाहिए अगर आप लगातार तरबूज का जूस पीते है तो आपको उल्टी जैसा होता हैं वो होना बंद हो जाएगा।
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पीलिया हो जाने पर अगर किसी व्यक्ति को पीलिया हो जाये तो करैले के रस में आधा गिलास पानी मिलाकर सुबह शाम दिन में दो बार पीना चाहिए ऐसा करने से पीलिया रोग में बहुत ही लाभ मिलता है।गठिया रोग में व्यक्ति अगर दिन में दो बार सेब को खाना स्टार्ट कर देगा तो उसका गठिया रोग धीरे धीरे खत्म हो जाएगा। एक और फायदे हैं जैसे कि किसी व्यक्ति को बार बार शरीर में खाज खुजली की समस्या रहती है तो उनको अनानास और खरबूजे का जूस एक साथ मिलाकर पीते रहना चाहिए। ऐसे एक महीने पिने से उसको कभी भी दद ,खाज ,खजुली की समस्या नहीं होगी।
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अगर किसी व्यक्ति को भूख नहीं लगती है तो उनको भी अन्नास आओर खरबूजा के जूस को एक साथ मिलाकर पीना चाहिए। इससे भूख बढ़ना शुरू हो जाएगी और दोस्तों इसके जूस पिने से शरीर में एनर्जी बढ़ाने लगेगी। गले के कैंसर से बचने के लिए अदरक का जूस आधा गिलास और आधा गिलास पानी पीना चाहिए इससे गले में कभी भी कैंसर नहीं होगा। ज्वर का रस अंगूर ,गेंहू का रस को एक साथ मिलकर रोजना पिने से शरीर में कभी भी कैंसर नहीं होगा।
इस आर्टिकल में लिखी गई बातें लेखक के निजी विचार हैं,

आजकल की लड़कियां खीरे का इस काम के लिए करती हैं इस्तेमाल, जानकर आपके भी उड़ जायेंगे होश

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